रिपोर्ट: सौरभ पाठक
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय में एंटी-रैगिंग सप्ताह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल ऑफ फार्मेसी एवं कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा परिसर में सुरक्षित, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय की रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। विद्यार्थियों से आपसी सम्मान, अनुशासन एवं सहयोग की भावना के साथ रहने का आह्वान किया गया।
मुख्य प्रॉक्टर प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि रैगिंग विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय परिसर में स्वस्थ एवं सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।
नोडल अधिकारी प्रो. दशरथ सिंह ने विद्यार्थियों को रैगिंग की रोकथाम के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और विद्यार्थियों को बिना किसी संकोच के रैगिंग से संबंधित घटना की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को देनी चाहिए।