रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेशभर में 11 से 25 अगस्त तक संचालित 15 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के तहत सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूली वाहनों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन विद्यालयों ने अभी तक अपने स्कूली वाहनों की फिटनेस नहीं कराई है, वे तीन दिन के भीतर परिवहन कार्यालय से वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित कराएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल बस अथवा अधिकृत स्कूली वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स, सीट बेल्ट और अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। वाहनों की खिड़कियों पर सुरक्षा की दृष्टि से ग्रिल अथवा जाल लगा होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूली वाहन चालकों के पास कम से कम पांच वर्ष पुराना भारी वाहन चलाने का लाइसेंस होना चाहिए।
उन्होंने सभी वाहन चालकों का समय-समय पर नेत्र परीक्षण कराने के साथ ही पुलिस सत्यापन और चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य बताया। विद्यालयों को निर्देश दिए गए कि चालकों की प्रत्येक माह नियमित काउंसलिंग कराई जाए, ताकि उनमें यातायात नियमों तथा बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को लेकर जागरूकता बनी रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जो वाहन विद्यालय संचालन में नहीं हैं अथवा कबाड़ में कटवाए जा चुके हैं, उनके पंजीयन को परिवहन कार्यालय में तत्काल निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और विशेष जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधन के साथ नियमित बैठकें कर “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाएगा। साथ ही विद्यालयों को अभिभावकों के साथ विशेष बैठक आयोजित कर बच्चों के सुरक्षित आवागमन और परिवहन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि जनपद के सभी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए मेज-कुर्सी अथवा बेंच की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश राजपूत, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सतेन्द्र कुमार सिंह, यात्रीकर अधिकारी संदीप चौधरी, यात्रीकर अधिकारी पूजा सिंह सहित विभिन्न विद्यालयों के संचालक, प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।