रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षारंभ-2026 के तीसरे दिन संतोष मैमोरियल ऑडिटोरियम में बॉलीवुड कलाकार इमरान जाहिद ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का आधार है। पढ़ने और ज्ञान हासिल करने की कोई सीमा नहीं है, इसलिए व्यक्ति को जितना संभव हो उतना ज्ञान अर्जित करना चाहिए।
मुख्य अतिथि इमरान जाहिद ने कहा कि संघर्ष जीवन का अभिन्न हिस्सा है। हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी रूप में संघर्ष आता है, इसलिए इससे घबराने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह पूरी तरह उन पर निर्भर करता है कि वे अपने जीवन में कितनी ऊंची उड़ान भरना चाहते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से सवाल किया कि क्या कोई व्यक्ति 10 सेकंड में ऐसा काम कर सकता है, जिसके लिए पूरी दुनिया उसकी तारीफ करे। विद्यार्थियों की चुप्पी के बीच उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इससे भी कम समय में उसैन बोल्ट ने 100 मीटर दौड़ जीतकर पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आलोचनाओं की चिंता किए बिना स्वयं को मजबूत बनाना चाहिए। किसी ने क्या कहा या आलोचना की, उसे दिल पर लेकर लंबे समय तक नहीं बैठना चाहिए। उसे जल्दी भूलकर आगे बढ़ने और अपनी तरक्की पर ध्यान देने की जरूरत है। बोकारो से निकले इमरान जाहिद ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार में महसूस किया है कि लोग दूसरों की बातों का जल्दी बुरा मान लेते हैं और उसे लंबे समय तक अपने मन में रखते हैं, जबकि बेहतर है कि उसे भूलकर आगे बढ़ा जाए।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए पैशन और जुनून जरूरी है। जिस काम को करने का जुनून व्यक्ति के भीतर होगा, उसमें सफलता की संभावनाएं उतनी ही अधिक होंगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की सलाह देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति का बहुत महत्व है और इसे हमेशा साथ लेकर चलना चाहिए।
इमरान जाहिद वर्ष 1982 में जन्मे भारतीय अभिनेता हैं, जो थिएटर और बॉलीवुड दोनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं। उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म द लास्ट सैल्यूट में अभिनय किया है, जो इराकी पत्रकार मुंतधर अल-जैदी की पुस्तक पर आधारित है। इसके अलावा उन्होंने द अर्थ नाटक में भी काम किया है, जो महेश भट्ट की फिल्म अर्थ पर आधारित है। उनका नवीनतम नाटक डैडी है।
इससे पूर्व संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि का परिचय कराया और विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन डा. डीएस तोमर ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियमों की जानकारी देने के साथ स्टूडेंट काउंसिल की गतिविधियों एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला।
बॉलीवुड कलाकार के प्रेरणादायक संबोधन के बाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत एवं वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों से संतोष मैमोरियल ऑडिटोरियम का मंच जीवंत कर दिया। नेहा, आयुष्मान, सागर, नंदिता, खुशी, प्रियांशु मिश्रा, शिखा, लवली, शशि और निशांत ने अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सैना एवं संस्कृति एफएम के आरजे जयशंकर पांडे ने किया। कार्यक्रम के संयोजन में डा. दुर्गेश वाधवा, डा. गरिमा गोस्वामी, डा. नेहा पाठक, छात्र रसिक शर्मा, अभिषेक सहित अन्य का विशेष सहयोग रहा।