रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। देशभर के साथ जनपद मथुरा में भी जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के 1501वें यौमे विलादत (जन्मदिवस) के मौके पर शहर में भव्य मोहम्मदी जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए।
मोहम्मदी जुलूस दरैशी रोड स्थित मनोहरपुरा जेवा मस्जिद से शुरू हुआ। जुलूस में शहर के मुफ्ती मोहम्मद आसिफ रजा साहब सहित मौलाना और उलेमा शामिल रहे। उन्होंने जुलूस के दौरान नबी-ए-पाक की शान में तकरीर और नात पेश की तथा उनके जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
जुलूस भरतपुर गेट, घीया मंडी चौक बाजार, मंडी रामदास और डींग गेट चौराहे सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगों ने स्टॉल लगाकर लंगर एवं भंडारे का वितरण किया। जुलूस में शामिल लोगों का जगह-जगह स्वागत भी किया गया।
डींग गेट चौराहे सहित विभिन्न स्थानों पर उलेमा ने नबी-ए-पाक की शान में तकरीर करते हुए आपसी भाईचारे, शांति और सद्भाव का संदेश दिया। इस दौरान देश और प्रदेश में अमन-चैन, खुशहाली एवं भाईचारे के लिए दुआ की गई।
इस दौरान -मोहम्मद दिलशाद ने बताया कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मथुरा में मोहम्मदी जुलूस निकाला गया। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को नेकी, शांति, अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया। हमें उनके बताए रास्ते पर चलते हुए समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।
इसके बाद मोहम्मदी जुलूस वापस दरैशी रोड स्थित जेवा मस्जिद पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। पर्व के दौरान शहर में उत्साह और उल्लास का माहौल दिखाई दिया।