रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा/प्रयागराज। मथुरा के बहुचर्चित Anantam भूमि प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। PIL संख्या 1423/2026, दीपक शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने संबंधित भूमि पर आगे की गतिविधियों को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
माननीय मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की पीठ के समक्ष हुई सुनवाई में भूमि के एक्सचेंज प्रस्ताव तथा उससे पहले की गई गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड पर लिया गया। न्यायालय के समक्ष बताया गया कि संबंधित भूमि के एक्सचेंज का प्रस्ताव अभी तक राज्य सरकार को भेजा भी नहीं गया है।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि भूमि के एक्सचेंज की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही प्रतिवादी संख्या-6 Anantam High-Tech Private Limited को भूमि का कब्जा दे दिया गया था और वहां प्लॉटिंग आदि गतिविधियां शुरू कर दी गई थीं।
Development Authority और नगर निगम को निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने Anantam High-Tech Private Limited को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने Development Authority और नगर निगम को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक प्रतिवादी संख्या-6 को उस भूमि पर किसी भी प्रकार की गतिविधि न करने दी जाए।
न्यायालय के निर्देश के अनुसार यह वह भूमि है जिसे एक्सचेंज के लिए प्रस्तावित किया गया था और जो फिलहाल नगर निगम की संपत्ति बनी हुई है। ऐसे में संबंधित भूमि पर प्लॉटिंग अथवा अन्य गतिविधियों पर फिलहाल रोक रहेगी।
‘सरकारी जमीन जनता की संपत्ति’
PIL याचिकाकर्ता दीपक शर्मा ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी जमीन की पारदर्शिता एवं संरक्षण के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है और उसका इस्तेमाल नियम-कानून तथा पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार ही होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने फिलहाल संबंधित भूमि को संरक्षण प्रदान किया है। उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और आगे की लड़ाई भी कानून के रास्ते से ही लड़ी जाएगी।मामले में अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।
मामला: PIL No. 1423 of 2026, Deepak Sharma Vs. State of U.P. & 5 Others