डोमिनगढ़-जगतबेला रेलखंड पर ‘कवच’ का लोको ट्रायल सफल, टक्कर रोकने की तकनीक परखी।

Vijaydoot News

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में ट्रेनों के सुरक्षित एवं संरक्षित संचालन को और मजबूत करने के लिए ‘कवच’ स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली लगाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ मंडल के डोमिनगढ़-स्वामी नारायण छपिया रेलखंड में स्टैंडर्ड ‘कवच’ की कमीशनिंग की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

डोमिनगढ़-जगतबेला रेलखंड पर 26 अगस्त को दो ‘कवच’ युक्त लोकोमोटिव इंजनों का लोको ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ट्रायल के दौरान आमने-सामने (हेड ऑन) तथा पीछे से होने वाली टक्कर (रियर कोलिजन) को रोकने के लिए स्वचालित ब्रेकिंग प्रणाली का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही एसओएस जनरेशन का भी सफल परीक्षण किया गया।

परीक्षण के दौरान दोनों लोकोमोटिव निर्धारित सुरक्षा दूरी से पहले ही स्वतः रुक गए। इससे ‘कवच’ प्रणाली की स्वचालित ब्रेकिंग क्षमता और संरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता की पुष्टि हुई।

मुख्य दूरसंचार इंजीनियर/प्रोजेक्ट नीलाभ महेश तथा उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर/प्रोजेक्ट कृष्ण गोपाल शंखधार के निर्देशन में ट्रायल की योजना तैयार कर परीक्षण कराया गया।

प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर मुरारी लाल मकवाना के मार्गदर्शन में लखनऊ एवं वाराणसी मंडलों के सीतापुर-बुढ़वल-गोरखपुर-भटनी-छपरा रेलखंड में भी ‘कवच’ प्रणाली लगाने का कार्य चल रहा है। लखनऊ मंडल में मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के नेतृत्व में वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर वैभव श्रीवास्तव द्वारा कार्य कराया जा रहा है।

दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद करेगा ‘कवच’

‘कवच’ भारत में विकसित स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसका उद्देश्य ट्रेनों की आवाजाही की लगातार निगरानी कर सिगनल पास एट डेंजर (एसपीएडी) जैसी घटनाओं और संभावित ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकना है।

आवश्यकता पड़ने पर यह प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित करती है। साथ ही अधिकतम अनुमन्य गति पर सुरक्षित संचालन में मदद करती है। घने कोहरे जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने में ‘कवच’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।