डीएम की अध्यक्षता में IGRS, कर-करेत्तर एवं राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक हुई आयोजित।

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👉 अधिकारीगण संदर्भाे के निस्तारण के उपरान्त आवेदक द्वारा दिये गये फीडबैक की करे समीक्षा-डीएम।

👉 लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व संग्रह सुनिश्चित किया जाय-डीएम।

संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर रैकिंग एवं प्रगति के आधार पर आई0जी0आर0एस0, कर-करेत्तर एवं राजस्व विभाग के कार्यों/योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) सत्य प्रकाश व अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर मुख्यमंत्री संदर्भ, आयुक्त संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ, तहसील दिवस संदर्भ सहित अन्य संदर्भों एवं लम्बित शिकायतों/प्रकरणों के निस्तारण की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारीगण आइ0जी0आर0एस0 पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि संदर्भ से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी यदि मौके का निरीक्षण/भ्रमण करने की आवश्यकता हो तो मौके पर जाकर ही मामले का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ज्यादा संख्या में शिकायतकर्ता की असंतुष्टि का फीडबैक यह दर्शाता है की शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का अभाव है और निस्तारण के समय शिकायतकर्ता का पक्ष नहीं लिया गया अथवा शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया।

जिलाधिकारी ने आवेदक/शिकायतकर्ता द्वारा प्रकरणों के निस्तारण पर दिये गये फीडबैक की विभागवार समीक्षा करते हुए समस्त सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निस्तारण के बाद आवेदक के संतुष्टि/असंतुष्टि की समीक्षा अवश्य की जाए और यदि आवेदक का फीडबैक असंतुष्टि का है तो कारणों की जांच कर ठीक किया जाए।

जिलाधिकारी द्वारा समस्त विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि असंतुष्ट फीडबैक के प्रकरणों में अधिकारीगण पूरी रिपोर्ट के साथ ही बैठक में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि संदर्भों के निस्तारण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें जिससे संतुष्टि का फीडबैक बेहतर मिले।

जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो एवं जनसामान्य के शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी विभागीय अधिकारीगणों को निर्देशित किया कि उनके विभाग से संबंधित योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति पर विशेष ध्यान दें, जिससे सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग अच्छी बनी रहे।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों/विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं के सुचारू संचालन में लापरवाही करने अथवा संदर्भों/शिकायतों का समय से निस्तारण न करने के कारण जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है उनके विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के माध्यम से राजस्व संग्रह/कर-करेत्तर की समीक्षा के दौरान आबकारी, व्यापार कर, परिवहन, स्टाम्प शुल्क, विद्युत देयों की वसूली, वन विभाग, सिंचाई एवं नलकूप, नगर निकायों में राजस्व संग्रह की स्थिति, खनन, मण्डी समिति, बांट माप, खाद्य एवं सुरक्षा सहित अन्य राजस्व संग्रह से सम्बन्धित विभागों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व देयों की वसूली की विस्तृत समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी नें लक्षित राजस्व देयों की वसूली में सुधार लाते हुये समय सीमा के अन्दर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक विजयन्त सिंह, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, उप जिलाधिकारी मेहदावल राजकुमार, उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, तहसीलदार खलीलाबाद अनुराग यादव, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, तहसीलदार धनघटा प्रतिमा मौर्या, अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 एस0के0 तिवारी, जिला कृषि अधिकारी डा0 सर्वेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार, आबकारी निरीक्षक विजय आनन्द, जिला बांट-माप अधिकारी वीपी वर्मा, ईडीएम राकेश कुमार सिंह, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण सहित राजस्व एवं अन्य विभागों से संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।