मिश्रिख की ग्राम पंचायतों में गौशालाओं की बदहाल स्थिति, ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप।

Vijaydoot News

मिश्रिख, सीतापुर। विकासखंड मिश्रिख की कई ग्राम पंचायतों में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश के मौसम में भी कई गौशालाओं में पशुओं की समुचित व्यवस्था नहीं है और उन्हें खुले में छोड़ दिया जाता है। इससे गौवंश की स्थिति दयनीय बनी हुई है।

ग्रामीणों के मुताबिक गौशालाओं के संचालन और रखरखाव के लिए शासन स्तर से धनराशि उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित व्यवस्थाएं नजर नहीं आ रही हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर केवल औपचारिकता के तौर पर साफ-सफाई एवं अन्य कार्य कराए जाते हैं, जबकि सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम प्रधानों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकासखंड क्षेत्र की बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में गौशालाओं की स्थिति की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास और गौवंश संरक्षण के लिए लगातार धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है, इसके बावजूद यदि गौशालाओं में व्यवस्थाएं बदहाल हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेते हुए गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कराने, सरकारी धन के उपयोग की जांच कराने तथा लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।‌ अब देखना यह है कि जिलाधिकारी स्तर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और गौशालाओं की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।