सहारनपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित 119 वर्ष पुरानी मस्जिद को अदालत के आदेश के बाद ध्वस्त किए जाने के पश्चात उसके मलबे के बीच करीब 20 फीट गहरा कुआं मिलने से प्रशासन सतर्क हो गया है। कुएं की संरचना सामने आने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीमों से इसकी जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
मस्जिद को गिराए जाने के बाद अधिकारियों ने जब मलबा हटाया तो उसके बीच कुएं जैसी संरचना दिखाई दी। फिलहाल प्रशासन ने कुएं को ढक दिया है और मौके पर पुलिस बल तैनात है। ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुए स्थान को पूरी तरह समतल कर दिया गया है। मस्जिद का मलबा कलेक्ट्रेट परिसर से करीब 10 किलोमीटर दूर निर्धारित स्थान पर ले जाकर गिराया गया है। प्रशासन द्वारा परिसर से एक-एक ईंट तक हटाई गई है।
एएसआई और सर्वेक्षण विभाग करेंगे जांच
एसडीएम (सदर) सुबोध कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पहले मस्जिद को गिराने की कार्रवाई की गई। इसी दौरान वहां कुएं की संरचना मिली है। उन्होंने कहा कि इसके संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम जांच करेगी। जांच के बाद ही कुएं की प्रकृति और उसके संबंध में अन्य जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
एसडीएम ने बताया कि इस मामले में आगे के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच करेंगी।
मस्जिद ध्वस्तीकरण पर सपा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा सहारनपुर
उधर, कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को गिराए जाने के मामले में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर पहुंचेगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल मामले की जांच और तथ्य जुटाने के लिए सहारनपुर आएगा।
सपा कार्यालय की ओर से जारी ज्ञापन के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को सिविल कोर्ट के आदेश पर बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। सपा का दावा है कि 4 सितंबर की शाम जिला प्रशासन की ओर से मस्जिद को सील किए जाने का आश्वासन दिया गया था और उसे गिराने की बात नहीं कही गई थी।
पार्टी के अनुसार प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर मंडलायुक्त से मुलाकात करेगा और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाएगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा।


