रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक सहायक अध्यापक ने कार्यालय में मौजूद महिला अधिकारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और खुलेआम धमकी दे डाली। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित शिक्षक की पहचान प्राथमिक विद्यालय नगला आंधू, विकासखंड गोवर्धन में तैनात सहायक अध्यापक मनोज कुमार के रूप में हुई है। विभागीय आदेश के अनुसार मनोज कुमार बिना किसी स्वीकृत अवकाश और बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के विद्यालय अवधि के दौरान ही बीएसए कार्यालय पहुंच गए थे।
आरोप है कि कार्यालय में कर्मचारियों की मौजूदगी में उन्होंने महिला अधिकारी से अमर्यादित भाषा में बातचीत की, रौब गांठा और उंगली दिखाते हुए ‘देख लेने’ की धमकी दी। कार्यालयीन समय में शराब सेवन की आशंका का भी आदेश में उल्लेख किया गया है, जिसकी पुष्टि जांच में साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने बताया कि उन्होंने शिक्षक को समझाने और शांत कराने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा और धमकी देता रहा। शिक्षक पर जनप्रतिनिधियों का नाम लेकर विभागीय अधिकारियों को प्रभावित करने और पद से हटवाने की धमकी देने का भी आरोप है।
पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने गोवर्धन और नंदगांव के खंड शिक्षा अधिकारियों की दो सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित कर दी है। यह समिति विद्यालय की उपस्थिति पंजिका, निरीक्षण आख्या, मानव संपदा पोर्टल और अवकाश अभिलेखों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
निलंबन अवधि के दौरान मनोज कुमार को विकासखंड नौहझील से संबद्ध किया गया है और नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।


