रिपोर्ट: सुनील पाण्डेय।
महराजगंज। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत दर्जी ट्रेड में चयनित प्रशिक्षणार्थियों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को जनपद के एक मैरेज हॉल में शुरू हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विधायक ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कौशल को और विकसित कर स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को उनके हुनर को आधुनिक स्वरूप देने के लिए प्रशिक्षण, प्रमाण-पत्र, मानदेय और निःशुल्क उन्नत टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने लाभार्थियों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि देश के युवा ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब गिवर’ बनें। इसी उद्देश्य के तहत विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उपायुक्त उद्योग नीरज कुमार सिंह ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2.0 की जानकारी देते हुए बताया कि योजना में पारंपरिक 11 ट्रेड के अलावा पांच नए ट्रेड—मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा—तथा नौ आधुनिक ट्रेड शामिल किए गए हैं। इनमें मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत सामानों की मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौन्दर्य एवं वेलनेस शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत लाभार्थियों को उद्यम की स्थापना एवं विस्तार के लिए 10 लाख रुपये तक ब्याज एवं गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
प्रशिक्षण का संचालन द अपरैल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर, कानपुर द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त उद्योग राकेश कुमार जायसवाल, सहायक प्रबंधक अविनाश कुमार पाण्डेय, प्रशिक्षण संस्था के कोऑर्डिनेटर तुषार श्रीवास्तव सहित प्रशिक्षणार्थी एवं अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


