बरसाना (मथुरा)। बरसाना मान मंदिर के संस्थापक, ब्रज रक्षा आंदोलन के जनक और पद्मश्री से अलंकृत पूज्य रमेश बाबा जी महाराज (90 वर्ष) के ब्रह्मलीन होने से पूरे ब्रजमंडल में शोक छाया हुआ है। 6 अक्टूबर को उनका देहावसान हुआ और 7 अक्टूबर को गहवर वन में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस दुखद अवसर पर मथुरा के समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता एवं प्रसिद्ध समाजसेवी श्री अनिल अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की।
अनिल अग्रवाल जी ने कहा –“पूज्य रमेश बाबा जी का जाना ब्रज के लिए अपूरणीय क्षति है। वो केवल संत नहीं थे, वो ब्रज की आत्मा थे। उनका पूरा जीवन गौसेवा, यमुना जी और ब्रज के पर्वतों को बचाने के लिए समर्पित था।”
“आज बरसाना का ब्रह्मांचल पर्वत, मानगढ़ और सैकड़ों कुंड सुरक्षित हैं तो वो बाबा के संघर्ष के कारण ही है। खनन माफियाओं से लड़कर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक जाकर ब्रज को बचाया। उन्होंने 60 हजार गायों की सेवा के लिए एशिया की सबसे बड़ी गौशाला बनाई, ऐसा त्याग विरलों में ही देखने को मिलता है।”
“2019 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री देकर सम्मानित किया था, लेकिन उनका असली सम्मान ब्रजवासियों के हृदय में है। उन्होंने कभी जात-पात, ऊंच-नीच नहीं देखा, सबको ब्रजवासी मानकर गले लगाया।”
“मैं समाजवादी विचारधारा से जुड़ा हूं, और बाबा ने भी हमेशा गरीब, वंचित और प्रकृति की सेवा का संदेश दिया। उनका जीवन हम सभी समाजसेवियों के लिए प्रेरणा है।”
श्री अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत संत की आत्मा को श्री राधा रानी अपने चरणों में स्थान दें और उनके अधूरे ब्रज बचाओ अभियान को हम सब मिलकर पूरा करें।


