संविदा कर्मियों का कोड लाक, ड्राइंविग लाइसेंस बनवाने के लिये भटक रहे है लोग।

Spread the love

बस्ती। आरटीओ विभाग में संविदा कर्मचारियों का कोड लाक हो जाने के कारण लोगों को ड्राइंविग लाइसेंस बनवाने के लिये कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। कड़ी धूप में उम्मीद लेकर आने वाले लोग निराश लौट रहे हैं।

इस सम्बन्ध में ऑटो रिक्शा जन कल्याण समिति के जिला संरक्षक महेन्द्र श्रीवास्तव ने रोजमारटा कंपनी के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए एक  शिकायत पत्र कम्पनी के प्रबन्ध निदेशक को भेजा है।

समिति के जिला संरक्षक ने आरोप लगाया है कि 5 और 6 जून को बिना किसी पूर्व सूचना के बायोमैट्रिक एव स्कूटिंग केंद्र को पूर्णरूप से बंद कर दिया गया, जिससे सैकडों अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पत्र में कहा गया है कि पंजीयन चिह्न यूपी 51 बस्ती स्थित डीटीआई से कंपनी ने सभी स्टॉपों का कोड सीज कर दिया और न तो कोई नया स्टॉप भेजा गया और न ही कोई सूचना दी गई। इस लापरवाही का खामियाजा उन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा जो 5 और 6 जून को राजस्व जमा कर स्लाट बुक करके आए थे। कंपनी के सारे स्टॉप नदारद थे और तालाबंद मिले। इसके कारण  अभ्यर्थियों को चिलचिलाती धूप में धक्के खने पर मजबूर होना पड़ा।

शिकायत पत्र में कहा गया है कि 5 और 6 जून को कुल लगभग 500 स्लॉट बुक थे, जिनमें से किसी का भी बायमैट्रिक व स्कूटिंग नहीं हो सका। इन अभ्यर्थियों में कई लोगों के  दिल्ली, बाम्बे और गुजरात के ट्रेन टिकट पहले से रिजर्व थे। कंपनी की घोर लापरवाही के चलते लगभग 500 अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचा है।

समिति ने रोज मार्टा कंपनी से मांग की है कि वह 5 व 6 जून के सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को उनके आने-जाने का किराया, राजस्व और रद्द हुए रेल टिकट की भरपाई करे।महेन्द्र श्रीवास्तव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कंपनी ने समय रहते मुआवजा नहीं दिया तो ऑटो रिक्शा यूनियन जन आंदोलन और न्यायालय जाने के लिए बाध्य होगी, और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रोज मार्टा कंपनी की होगी। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *