•अवैध निर्माण और निगरानी में लापरवाही पर गिरी गाज, अब तक कई अधिकारियों पर कार्रवाई
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित भीषण अग्निकांड के बाद जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष आईएएस प्रथमेश कुमार ने जांच के आधार पर पांच और इंजीनियरों एवं कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में संजय शुक्ला (इंजीनियर), आनंद मिश्रा (इंजीनियर), शिवेंद्र शुक्ला (इंजीनियर), हेमंत कुमार (इंजीनियर) तथा हरपाल (सुपरवाइजर) शामिल हैं।
एलडीए की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस भवन में भीषण आग लगी, वहां वर्षों से भवन मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होता रहा। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी आधार पर विभागीय जिम्मेदारी तय करते हुए यह कार्रवाई की गई।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एलडीए, अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग के चार अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया गया था। साथ ही मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
एलडीए की आंतरिक जांच में वर्ष 2016 से 2026 के बीच इस भवन से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन विहित प्राधिकारी, जोनल अधिकारियों तथा सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं सहित कुल 18 इंजीनियरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने यह रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजते हुए सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
जांच में यह भी सामने आया कि भवन को मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन बाद में इसका व्यावसायिक उपयोग किया जाने लगा। भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी नहीं थी। वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। अग्निकांड के बाद एलडीए ने दोबारा ध्वस्तीकरण नोटिस जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि अलीगंज में हुए इस भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद भवन स्वामी समेत कई आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। राज्य सरकार, एसआईटी और एलडीए की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिस भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।