•डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पखवाड़े के तहत भाजपा ने प्रशिक्षित बूथ अध्यक्षों को वितरित किए प्रमाण-पत्र।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। भारतीय जनता पार्टी मथुरा महानगर द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पखवाड़े के अंतर्गत महानगर के सभी 12 मंडलों में बूथ अध्यक्षों का डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले बूथ अध्यक्षों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उन्हें संगठनात्मक दायित्वों के प्रति और अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया गया।
धौली प्याऊ मंडल में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव ने डिजिटल प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले बूथ अध्यक्षों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ।श्रद्धांजलि सभा को महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका त्याग, राष्ट्रनिष्ठा और विचार आज भी प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव ने कहा कि डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से दिया गया प्रशिक्षण संगठनात्मक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगा। इससे बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी, जनसंपर्क मजबूत होगा तथा संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति हैं।मंडल अध्यक्ष नितिन कौशिक ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता को उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए। डिजिटल प्रशिक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है, जिससे कार्यकर्ताओं की संगठनात्मक दक्षता बढ़ेगी और जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
जिला मीडिया प्रभारी श्याम शर्मा ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की अखंडता के प्रबल समर्थक थे। वे एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान की व्यवस्था के घोर विरोधी थे। वर्ष 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक आधार बना। उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई को कोलकाता के एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् परिवार में हुआ था तथा वर्ष 1934 में मात्र 33 वर्ष की आयु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। वर्ष 1953 में उनका निधन रहस्यमय परिस्थितियों में हुआ।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने तथा संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन हर्ष गौड़ ने किया।
इस अवसर पर महामंत्री कुंज बिहारी चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष रामकिशन पाठक, जिला मीडिया प्रभारी श्याम शर्मा, मंडल अध्यक्ष नितिन कौशिक, हर्ष गौड़, धर्मेश नौहवार, विनोद भारद्वाज, विजय शर्मा, ललित अग्रवाल, बृजेश अहेरिया, विशाल गुप्ता ,नितिन चतुर्वेदी, राकेश तोमर ,अभिषेक चतुर्वेदी,सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।