टीबी मुक्त भारत के संकल्प को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण।

Vijaydoot News

बच्चों में टीबी की पहचान, उपचार और जागरूकता को लेकर सीएचओ, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताए नए तरीके

मीरजापुर। टीबी मुक्त भारत की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुनार के सभागार में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार पटेल एवं सीएचसी एमओटीसी डॉ. संतोष कुमार वर्मा की उपस्थिति में आयोजित प्रशिक्षण में 0 से 14 वर्ष तक के बच्चों को टीबी से बचाव, लक्षणों की पहचान एवं उपचार के संबंध में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों एवं आशा संगिनियों को टीबी उपचार से जुड़ी नई जानकारियां और प्रभावी तरीके बताए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार पटेल ने स्वास्थ्य कर्मियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा टीबी के लक्षण वाले बच्चों एवं वयस्कों को सरकारी चिकित्सालयों में उपलब्ध नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया।

एमओटीसी डॉ. संतोष कुमार वर्मा ने टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि टीबी गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन लाइलाज नहीं है। उन्होंने बताया कि 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में बलगम की जांच अपेक्षाकृत कठिन होती है। ऐसी स्थिति में एक्स-रे सहित अन्य जांच प्रक्रियाएं बीमारी की पहचान में सहायक साबित होती हैं।

क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने स्वास्थ्य कर्मियों को व्यवहारिक पक्ष पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या से पीड़ित व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मियों के पास उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में सभी का दायित्व है कि मरीज और उसके परिजनों से मृदुभाषी एवं अपनत्वपूर्ण व्यवहार करते हुए उचित मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करें, ताकि मरीज बीमारी के प्रति निराश न हो।

कार्यक्रम में डॉ. आशिफ जहीर, डॉ. संगीता, सर्वेश कुमार, अखिलेश यादव, इफ्तिखार, बीसीपीएम गीता सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।