रिपोर्ट: मनोज अग्रहरि।
मीरजापुर। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल राजेश प्रकाश एवं जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को कोन विकासखंड के बाढ़ संभावित गांव हरसिंघपुर और मल्लेपुर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए समय से अलर्ट जारी कर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों एवं पशुओं की सुरक्षा के लिए पहले से सुरक्षित स्थान चिन्हित किए जाएं। बाढ़ राहत शिविरों में शौचालय, भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाएं और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पशुओं के लिए पर्याप्त चारे तथा ऊंचे स्थानों पर पशु शिविर की व्यवस्था भी पहले से कर ली जाए।
उन्होंने गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने को देखते हुए लोगों को घाटों, पुलों एवं नदी के किनारे न जाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। गोताखोरों एवं नावों की व्यवस्था के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को भी अलर्ट रखने को कहा। मंडलायुक्त ने राजस्व टीम को सक्रिय करते हुए लेखपाल, ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों से जलस्तर, कटान, संभावित खतरे और फसल नुकसान की जानकारी लेने के निर्देश दिए।
निर्माणाधीन छह लेन पुल का भी किया निरीक्षण
मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी ने गंगा नदी पर निर्माणाधीन छह लेन पुल एवं अप्रोच रोड के कार्य की प्रगति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, साथ ही मानव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की चेतावनी दी।मंडलायुक्त ने कहा कि निर्माण स्थल पर मजबूत बैरीकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। रात्रि में काम होने पर पर्याप्त प्रकाश एवं रेडियम पट्टी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खोदे गए गड्ढों को खुला न छोड़ा जाए और उनके चारों ओर बैरीकेडिंग की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा में लापरवाही से दुर्घटना होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अशोक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।