स्वस्थ समाज के निर्माण में पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’

Vijaydoot News

बस्ती। प्रेस क्लब सभागार में अशोक मार्ग पत्रिका के लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’ ने पत्रिका का लोकार्पण करते हुए कहा कि स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का दायरा केवल लोगों को घटनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इतिहास को दर्ज करने, तथ्यों को सामने लाने, विभिन्न दृष्टिकोणों को समाज के सामने रखने और सामाजिक परिवर्तन को प्रभावित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अशोक मार्ग पत्रिका जनभावनाओं और जनसरोकारों पर खरी उतरेगी।

मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती ने कहा कि तथ्यपरक और नैतिक मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसी पत्रकारिता कल्पना के बजाय तथ्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहती है और सनसनीखेज खबरों की जगह विषय के वास्तविक सार को प्राथमिकता देती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां हैं, ऐसे में विश्वसनीयता और तथ्यपरकता को बनाए रखना बेहद जरूरी है।अशोक मार्ग पत्रिका के संरक्षक डा. वी.के. वर्मा ने समारोह में पहुंचे अतिथियों और सहयोगियों का स्वागत करते हुए पत्रिका के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि पत्रिका के माध्यम से समाज और आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। संपादक रघुनाथ पटेल ने कहा कि पत्रिका का मुख्य उद्देश्य जनसरोकारों को स्वर देना और समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं एवं विचारों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने किया। उन्होंने पत्रकारिता की उपयोगिता और बदलते दौर में उसकी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतांत्रिक समाज में निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

लोकार्पण समारोह में भारतीय बस्ती के संपादक प्रदीप चन्द्र पाण्डेय, मस्तराम वर्मा, गंगा प्रसाद कन्नौजिया, सिद्धनाथ प्रजापति, जय श्रीलाल, हेमन्त राव, प्रमोद कुमार यादव, परशुराम पटेल, नन्द किशोर वर्मा, हितेन्द्र कुमार वर्मा, फूलचन्द सिंह, चन्द्रभान पटेल सहित अन्य वक्ताओं ने पत्र-पत्रिकाओं के बदलते स्वरूप और उनकी सामाजिक भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर डा. श्यामनरायन चौधरी, हरिओम चौधरी, दीपक सिंह प्रेमी, राहुल चौहान, दीनानाथ चौधरी, सामईन फारूकी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग मौजूद रहे।