बस्ती। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के मार्गदर्शन एवं पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के निर्देशन में गुरुवार को बस्ती परिक्षेत्र के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए व्यवहार कौशल एवं संवाद कौशल पर अर्द्धदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान आमजन के साथ प्रभावी संवाद, संवेदनशीलता और शिष्ट व्यवहार के गुर बताए गए।
पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय की टीम द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में बस्ती के 303 पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइंस स्थित सभागार में प्रत्यक्ष रूप से प्रतिभाग किया। वहीं संत कबीरनगर के 247 और सिद्धार्थनगर के 194 पुलिसकर्मियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण में भाग लिया। वर्तमान में चल रही कांवड़ यात्रा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण ड्यूटियों में तैनात पुलिसबल को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण को उपयोगी और व्यवहारिक बनाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक प्रशिक्षण देव रंजन वर्मा और सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षण डॉ. रेखा वाजपेयी ने सहज एवं सरल भाषा में विभिन्न गतिविधियों और उदाहरणों के माध्यम से पुलिसकर्मियों को व्यवहार एवं संवाद कौशल की बारीकियां समझाईं। मुस्कुराहट, बॉडी लैंग्वेज और सकारात्मक संवाद के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षकों ने पुलिसकर्मियों को ‘आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत’ के सिद्धांत को अपनाने की सीख दी। इसका आशय है कि दूसरों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, जैसा व्यवहार व्यक्ति स्वयं अपने लिए पसंद नहीं करता। श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार को प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
प्रशिक्षण में विभिन्न रीति-रिवाजों एवं परंपराओं के प्रति सम्मान रखने तथा ‘कल्चर शेमिंग’ से बचने पर भी जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को समझाया गया कि वर्दी के अधिकार को अहंकार का आधार नहीं बनाना चाहिए। जब कोई पुलिसकर्मी स्वयं आम नागरिक की भूमिका में होता है तो वह पुलिस से जिस तरह के व्यवहार की अपेक्षा करता है, ड्यूटी के दौरान उसे भी जनता के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए।
मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जापानी पद्धति ‘काइजन’ तथा हठयोग दर्शन पर आधारित व्यवहारिक उपाय भी बताए गए। साथ ही पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन कम से कम एक सरकारी कार्य सेवाभाव के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस अधीक्षक बस्ती यशवीर सिंह ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में व्यवहार और संवाद कौशल बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार जनता की सेवा में जुटी रहती है, लेकिन दुर्व्यवहार की शिकायतें पुलिस की छवि को प्रभावित करती हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बस्ती पुलिस द्वारा प्रदर्शित उत्कृष्ट व्यवहार और आचरण इसका प्रमाण है कि व्यवहार एवं संवाद कौशल बेसिक पुलिसिंग के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
समापन अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी ने प्रशिक्षण निदेशालय की टीम का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण पुलिसकर्मियों का ध्यान जीवन के आवश्यक पहलुओं से भटकने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय पुलिस का व्यवहार और पीड़ितों व आम जनता के साथ व्यवहार अलग-अलग होना चाहिए। प्रशिक्षण ने पुलिसकर्मियों को इसी अंतर को बारीकी से समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।