रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देश पर जिले में 11 से 25 अगस्त तक चल रहे 15 दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ के तहत स्कूली वाहनों की सघन चेकिंग की गई। अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना है। कार्रवाई के दौरान फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश राजपूत के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में स्कूली बसों, वैन और निजी एवं अनुबंधित वाहनों की जांच की। वाहनों की फिटनेस, परमिट, प्राथमिक उपचार बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक की योग्यता तथा आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।
एआरटीओ राजेश राजपूत ने मांट तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्कूल में बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल हो रहे चार निजी ईको वाहनों तथा वैध दस्तावेजों के अभाव में संचालित एक स्कूल बस को थाने में निरुद्ध कराया। प्रवर्तन दलों ने कुल 16 स्कूली वाहनों के चालान किए, जबकि छह स्कूली वाहनों को निरुद्ध किया गया।
इसके अलावा परिवहन विभाग की टीम ने चार ट्रैक्टर और एक ओवरलोड वाहन को भी थाना शेरगढ़ एवं राया यार्ड में निरुद्ध किया। वहीं, ऐसे 16 स्कूली वाहनों के पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की गई, जिनकी फिटनेस नहीं कराई गई थी अथवा जिनके परमिट जारी नहीं कराए गए थे।
विद्यालय प्रबंधकों को कड़ी चेतावनी
एआरटीओ राजेश राजपूत ने सभी विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि अपने सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच और परमिट का नवीनीकरण तत्काल कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हुए 30 दिन से अधिक हो चुके हैं और इसके बावजूद फिटनेस नहीं कराई गई है, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा 53 के तहत पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना वैध फिटनेस और परमिट के सड़कों पर संचालित किसी भी स्कूली वाहन को बख्शा नहीं जाएगा।
अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील
एआरटीओ ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को ई-रिक्शा, वैन या ऑटो के माध्यम से विद्यालय भेजने से बचें। उन्होंने कहा कि अभिभावक स्कूल बस या अन्य बड़े वाहन का उपयोग करते समय उसके फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच अवश्य करें।
परिवहन विभाग के अनुसार 25 अगस्त तक चलने वाले अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के वाहनों के पंजीयन निलंबन की कार्रवाई के साथ विद्यालयों की मान्यता निरस्त कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को संस्तुति भी भेजी जाएगी।
कार्रवाई के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन द्वितीय दल) सतेन्द्र कुमार सिंह और यात्रीकर अधिकारी पूजा सिंह सहित परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम मौजूद रही।