रिटायर्ड शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर सात लाख की ठगी, आतंकियों से बताया था कनेक्शन।

Vijaydoot News

मेरठ। पुलिस-प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर जिले के नागरिकों को लगातार डिजिटल अरेस्टिंग और साइबर क्राइम के नाम पर ठगी के मामलों से सचेत किया जा रहा है। मगर, इसके बावजूद कई लोग दहशत में आकर अपनी गाढ़ी कमाई ठगों के हाथों गंवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नौचंदी थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां साइबर ठगों ने आतंकियों से कनेक्शन बताकर नौचंदी क्षेत्र निवासी एक रिटायर्ड शिक्षक को लगभग एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट रखा।

इस दौरान ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक और आतंकियों के बीच कनेक्शन बताकर जेल भेजने का डर दिखा रिटायर्ड शिक्षक से सात लाख की रकम ठग ली। ठगी का एहसास होने पर रिटायर्ड शिक्षक ने ठगों को और रकम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच और कार्यवाही में जुटी है।

दरअसल, नौचंदी थाना क्षेत्र की फूलबाग कॉलोनी के रहने वाले जीत सिंह एक सरकारी कॉलेज से रिटायर्ड शिक्षक हैं। जीत सिंह के मुताबिक बीती नौ अगस्त को उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात शख्स की कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम रणजीत सिंह बताते हुए खुद को एनआईए का अधिकारी बताया। रणजीत ने जीत सिंह से कहा कि वह आतंकवादियों से मिले हुए हैं। उनके बैंक खाते में आतंकियों के आईसीआईसीआई बैंक के खाते से दो करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई है।

साथ ही जीत सिंह के विरुद्ध वारंट जारी करने की धमकी देते हुए जीत सिंह की बात अपने अफसर से कराई। रिटायर्ड शिक्षक जीत सिंह का आरोप है कि इसके बाद लगातार संदीप ग्रोवर और खुद को एनआईए का चीफ बताने वाला राकेश अग्रवाल फोन पर उनके संपर्क में रहे। जीत सिंह को जेल भेजने का डर दिखाते हुए आरोपियों ने उनकी दो एफडी तुड़वाकर सेंट्रल बैंक के खाते से सात लाख की रकम कृष्णा नाम के व्यक्ति के महिंद्रा बैंक के खाते में ट्रांसफर करवाई।

इस दौरान किसी से संपर्क न करने की हिदायत देते हुए बदमाशों ने जीत सिंह को उनके ही घर में डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपियों के डर से जीत सिंह उन्हें 18 लाख से अधिक की रकम और ट्रांसफर करने वाले थे। लेकिन, इस दौरान 15 और 16 अगस्त की छुट्टी के कारण बैंक बंद रहे। जिसके कारण यह रकम ट्रांसफर नहीं हो सकी। इसी बीच खुद के साथ ठगी का एहसास होने पर जीत सिंह ने मामले की जानकारी अपनी पत्नी को दी और ठगों को रकम ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया।

इसके बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए। मामला समझ में आने पर रिटायर्ड शिक्षक ने साइबर क्राइम थाने में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी है।