•मथुरा में कृषक संगठनों के साथ संवाद कार्यक्रम, डीएपी-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता की दी जानकारी
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जनपद के विभिन्न कृषक संगठनों के पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में सिंचाई, विद्युत, सहकारिता, पशुपालन, लघु सिंचाई, मत्स्य एवं कृषि विभाग समेत अन्य विभागों से जुड़ी किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विभिन्न कृषक संगठनों के अध्यक्ष एवं मंत्रियों ने अपनी-अपनी समस्याएं और मांगें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के संबंध में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषक संगठनों द्वारा दिए गए ज्ञापनों और उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा।
डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कृषक संगठनों के पदाधिकारियों को बताया कि जनपद में डीएपी और यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मांग के अनुसार सहकारी एवं निजी बिक्री केंद्रों पर उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसान प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी, फार्मर आईडी/नकल खतौनी तथा आधार की प्रति के साथ निर्धारित बिक्री केंद्र से खरीद सकते हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदते समय पीओएस मशीन पर अपना अंगूठा लगाने के बाद विक्रेता से पर्ची अवश्य प्राप्त करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें जितनी बोरियां दी गई हैं, उतनी ही मात्रा उनके नाम पर दर्ज की गई है।
खादर क्षेत्र में भूमि रखने वाले किसानों के लिए जिलाधिकारी ने बताया कि वे लेखपाल से एक बार नकल खतौनी बनवाकर उसकी फोटो प्रति के आधार पर नियमानुसार उर्वरक खरीद सकते हैं। वहीं बटाई पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसान जमीन मालिक का आधार कार्ड लेकर बिक्री केंद्र पर जाएं और आधार ओटीपी के माध्यम से उर्वरक खरीद सकते हैं।
बिना दस्तावेज उर्वरक बेचने पर होगी कार्रवाई
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने कृषक संगठनों के पदाधिकारियों से अपील की कि यदि कोई सहकारी अथवा निजी उर्वरक बिक्री केंद्र प्रभारी बिना फार्मर आईडी/नकल खतौनी, आधार कार्ड और पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाए उर्वरक की बिक्री करता है तो तत्काल इसकी सूचना जिला कृषि अधिकारी के मोबाइल नंबर 8273893015 पर दें। उन्होंने कहा कि संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
35 हजार टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध
जिला कृषि विभाग के अनुसार जनपद के बफर गोदामों एवं बिक्री केंद्रों पर 21,291 मीट्रिक टन यूरिया, 10,890 मीट्रिक टन डीएपी और 2,984 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसानों से अपील की गई कि वे अपनी बोई गई फसल और संस्तुत मात्रा के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि इनके अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी में माइक्रोन्यूट्रिएंट और कार्बन की कमी हो रही है, जिसका फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने किसानों से जैव एवं जैविक उर्वरकों के साथ एनपीकेएस, एसएसपी, टीएसपी और माइक्रोन्यूट्रिएंट उर्वरकों का भी संतुलित प्रयोग करने की अपील की। इससे खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन में वृद्धि करने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह सहित विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।