अंतिम यात्रा के रास्ते में दो फुट जलभराव और कीचड़, खडैरा में बदहाली से ग्रामीणों में आक्रोश।

Vijaydoot News

बलदेव। बलदेव नगर से खडैरा घाट स्थित यमुना तट तक जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत लंबे समय से बदहाल है। खडैरा गांव में करीब 400 मीटर मार्ग पर लगभग दो फुट तक जलभराव, कीचड़ और गंदगी होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है।

हाल ही में अग्रवाल समाज समिति के पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल की अंतिम यात्रा के दौरान स्थिति बेहद शर्मनाक नजर आई। सैकड़ों लोगों को घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के बीच से अर्थी लेकर गुजरना पड़ा। रास्ते में दो बार अर्थी गिरते-गिरते बची। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि वाहनों की रफ्तार भी जलभराव के कारण थम गई। काफी देर तक लोग रास्ते में फंसे रहे और व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दिए।

युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा ने कहा कि खडैरा घाट बलदेव क्षेत्र के दर्जनों गांवों का प्रमुख श्मशान स्थल है। वहां पहुंचने के लिए यही मुख्य मार्ग है। सड़क का स्तर नीचा होने और नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण वर्षों से यहां जलभराव की समस्या बनी हुई है। कीचड़ और गड्ढों के चलते पैदल निकलना भी मुश्किल है तथा कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं।

राकेश गोयल, मदन पांडेय वैद्य, हरिओम अग्रवाल, आचार्य मनीष गर्गाचार्य, देव अग्रवाल, चंद्रपाल देशवार और धरमू पहलवान ने कहा कि वर्षों से समस्या बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका। अंतिम यात्रा के दौरान भी लोगों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति है।

मन्नू पुजारी, नवीन वर्मा और करन अग्रवाल ने कहा कि जलभराव, कीचड़, गंदगी और दुर्गंध के कारण मार्ग से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से करीब 400 मीटर सड़क को ऊंचा कराने, मार्ग की मरम्मत, नालियों की सफाई और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने विधायक, सांसद, चेयरमैन, ब्लॉक कार्यालय, एसडीएम और जिलाधिकारी से समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के दौरान लोगों को कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर न गुजरना पड़े, इसके लिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।