रिपोर्ट: राहुल मिश्रा(संवाददाता)
मिश्रित, सीतापुर। सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गठित रोगी कल्याण समिति यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं भी धरातल पर दिखाई नहीं दे रही हैं।
शासन द्वारा अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए चाय, नाश्ता, दूध, ब्रेड सहित दोपहर एवं रात्रि भोजन की व्यवस्था का स्पष्ट प्रावधान किया गया है, लेकिन मिश्रित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती सामान्य मरीज इन सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। हालांकि प्रसूताओं को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत हल्का-फुल्का नाश्ता दिया जा रहा है, लेकिन वह भी निर्धारित मीनू के अनुरूप नहीं बताया जा रहा है। अस्पताल कर्मी सीजर-फ्रीजर जैसी व्यवस्थाओं का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के बेड पर कई-कई दिनों तक बेडशीट नहीं बदली जाती। वहीं अस्पताल परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गठित रोगी कल्याण समिति मरीजों के लिए निरर्थक साबित हो रही है। आरोप है कि मरीजों को सुविधाएं भले न मिल रही हों, लेकिन विभिन्न मदों में खर्च दर्शाकर जिम्मेदार लोग लाभ उठाने में लगे हैं।
कुल मिलाकर अस्पताल में मरीज बेहाल हैं और शासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित सुविधाएं आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। क्षेत्रीय लोगों ने प्रदेश सरकार और चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग से मामले की गंभीर जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि मरीजों को सरकारी सुविधाओं का समुचित लाभ मिल सके।