ज्येष्ठ माह में नैमिषारण्य में भागवत कथा श्रवण का विशेष महत्व, उमड़ रहे श्रद्धालु।

Vijaydoot News

नैमिषारण्य (सीतापुर)। धर्मनगरी नैमिषारण्य में ज्येष्ठ माह के दौरान श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस पवित्र माह में श्रद्धा और भक्ति भाव से भागवत कथा सुनने से मनुष्य को असीम पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन के कष्टों का निवारण होता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नैमिषारण्य वह पावन तपोभूमि है, जहां महर्षि शौनक सहित 88 हजार ऋषि-मुनियों ने सत्संग और धर्मचर्चा की थी। इसी कारण यहां कथा श्रवण का आध्यात्मिक फल कई गुना अधिक माना जाता है। ज्येष्ठ माह में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नैमिषारण्य पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु चक्रतीर्थ, मां ललिता देवी मंदिर सहित अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन-पूजन कर कथा-सत्संग में सहभागिता कर रहे हैं।

धार्मिक विद्वानों का कहना है कि ज्येष्ठ माह में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण, सत्संग तथा दान-पुण्य करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। यही कारण है कि इन दिनों नैमिषारण्य में धार्मिक आयोजनों और कथा कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिल रही है।

धर्मनगरी का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को भक्ति और साधना की ओर प्रेरित कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है।

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