8 मोहर्रम पर मथुरा में तीन स्थानों से छोटा दुलदुल, अलम और कुरैशी अखाड़े का निकला जुलूस।

Spread the love

मथुरा। बुधवार को हज़रत इमाम हुसैन रज़ि. की शहादत की याद में 8 मोहर्रम की रात मोहर्रम कमेटी शहर व सदर के तत्वावधान में तीनों प्रमुख जुलूस पूरी अदब, प्रेम और शांति सद्भावना के साथ निकले। बिसायती पाड़ा से छोटा दुलदुल व अलम का जुलूस और खारी कुआं से कुरैशी समाज का अखाड़ा जुलूस अपने परंपरागत मार्गों से गुजरे। पूरे रूट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर लंगर वितरण में हिस्सा लिया।

जाकिर पुत्र अहसान अली के नेतृत्व में छोटा दुलदुल शाम 7 बजे बिसायती पाड़ा से रवाना हुआ। जुलूस हालनगंज, तेलीपाड़ा, लाल दरवाजा, गुड़हाई बाजार, चौक बाजार, कुशक गली, हनुमान टीला, काजी पाड़ा, मानिक चौक, नक्कारची टीला, घीया मंडी, खारी कुआं, सराय भरतपुर गेट, दरेसी रोड, मनोहरपुरा होते हुए मटिया गेट, मेवातीपाड़ा, नई बस्ती, ईदगाह, बरबार पाड़ा, ठेक नारनौल, अर्जुनपुरा से होता हुआ रात 2 बजे बिसायती पाड़ा पर संपन्न हुआ।

रात 8 बजे नुसरत खान पुत्र गुलाम मोहम्मद के नेतृत्व में काजी पाड़ा से अलम का जुलूस निकला। यह चूड़ी वाली गली, नक्कारची टीला, कुशक गली, चौक बाजार, घीया मंडी, भरतपुर गेट, मनोहरपुरा, मटिया गेट, बरबार पाड़ा, मण्डी रामदास, ठेक नारनौल, खिड़की बिसायती, हालन गंज, वृन्दावन गेट, जामा मस्जिद होते हुए चौक पर पहुंचा। यहां अलम और अखाड़ा जमा हुआ और उस्ताद खलीफाओं ने कलाबाजी के करतब दिखाए। इसके बाद जुलूस काजीपाड़ा जाकर समाप्त हुआ।

हाजी कलेक्टर व कदीर खलीफा के नेतृत्व में कुरैशी समाज का अखाड़ा जुलूस रात 8 बजे खारी कुआं से शुरू हुआ। अखाड़ा खारी कुआं से भरतपुर गेट पहुंचा, जहां उस्तादों ने तलवारबाजी और लाठी के करतब दिखाए। फिर खारी कुआं होते हुए घीया मंडी, चौक बाजार होता हुआ जामा मस्जिद पर जमा हुआ। वहां बिराह बांटी और अन्य कलाओं के हैरतअंगेज करतब दिखाए गए। लोगों की भारी भीड़ ने करतबों की सराहना की।

दुलदुल के दीदार के लिए माताओं ने गोद में नन्हे बच्चों को लेकर दुलदुल को दूध, जलेबी और चने की दाल खिलाई। मन्नत मांगते हुए माताओं ने अपने बच्चों को दुलदुल के नीचे से निकाला। मान्यता है कि इससे बच्चे हर बला से महफूज रहते हैं। सभी जुलूस मार्गों पर खीर, हलवा, शरबत, आइसक्रीम और मीठे पानी की प्याऊओं के लंगर लगे। मोहर्रम कमेटी पदाधिकारी और पुलिस बल जुलूस के साथ मुस्तैद रहे।

अध्यक्ष भूरा शेख़ ने सभी अलमदार, अखाड़ेदार और ताजियेदार से अपील है कि अपने जुलूस प्रेम, सौहार्द और शान्ति सद्भावना के साथ सादगी से निकालें। करबला हमें भाईचारे और इंसानियत का सबक देती है। मथुरा की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब है, इसे बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।”

सचिव अबरार खान वारसी ने सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि जुलूस में कोई भी शराब पीकर न आएं, तेज डीजे न बजाएं और तय रूट व समय का पालन करें ये पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के प्यारे नवासे हज़रत इमाम हुसैन की यादगार के लिए जुलूस निकाले जा रहे हैं इन जुलूसों में सभी को बहुत अदब और सादगी के साथ चलना चाहिए।

इस मौके पर भूरा शेख़ अध्यक्ष, अबरार खान वारसी सचिव, हाजी सूफी सईद हसन, जहीर अब्बास जैदी, बबलू कुरैशी, डॉ शबनम कुरैशी, शारिक अली एडवोकेट, आरिफ कुरैशी, कासिम गाजी, बदले खलीफा, निशाद अहमद, अली अब्बास, शाहिद कुरैशी पत्रकार, सूफी जहीर, नासिर अली, क़ायम, नौशाद ख़ान, आशिफ कुरैशी, आरिफ खान, जीशान खान, इकरार अंसारी, नुशरत अली खान, नईम अब्बासी आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *