बस्ती। बिहार में पुलिसकर्मियों द्वारा स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी की कथित हत्या तथा लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 युवाओं की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए बुधवार को बस्ती में श्रद्धांजलि सभा एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ यूथ (एनएवाई) के अध्यक्ष भावेष पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित कैंडल मार्च राजकीय इंटर कॉलेज, बस्ती से प्रारंभ होकर शहीद भगत सिंह प्रतिमा, रोडवेज तक निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां लिए बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने मार्च में भाग लिया। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर भावेष पाण्डेय ने कहा कि बिहार में भरत भूषण तिवारी की हत्या कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जबकि लखनऊ का अग्निकांड सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाना आवश्यक है।
राम प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बिहार की घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए तथा लखनऊ हादसे को सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर विफलता करार देते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
अभयदेव शुक्ल ने कहा कि युवाओं की असमय मृत्यु अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
रामजी पाण्डेय ने कहा कि यह कैंडल मार्च केवल शोक व्यक्त करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय, जवाबदेही और सुरक्षित सामाजिक व्यवस्था की सामूहिक मांग का प्रतीक है। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अन्याय और लापरवाही के विरुद्ध आवाज उठाने का आह्वान किया।
कैंडल मार्च में विनय सिंह, यशवंत सिंह रोलु, प्रमोद सिंह, राम प्रताप सिंह, रामनुजेंद्र पाण्डेय, काज़ी फरजान, रितिकेश सहाय, रामजी पाण्डेय, अभयदेव शुक्ल, राजेश चित्रगुप्त, सत्यम पाण्डेय, उमंग शुक्ल, आशुतोष त्रिपाठी, ऋतुराज सिंह, हेमंत पाण्डेय, रहमान अली, प्रशांत भारद्वाज, प्रिंस मिश्र, राजेश धर, अपूर्व शुक्ल, अंकुर उपाध्याय, देवेंद्र चौधरी, प्रवीण राणा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की।