•दिनेश फलाहारी महाराज बोले- संत परंपरा का सम्मान बना रहना चाहिए
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए सांकेतिक प्रदर्शन और उसमें साधु वेश धारण किए जाने को लेकर ब्रज के कुछ संतों ने आपत्ति जताई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर प्रकरण के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक वेशभूषा का उपयोग राजनीतिक प्रदर्शन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि साधु बनना केवल वेश धारण करने का विषय नहीं, बल्कि तप, त्याग और सनातन परंपरा के आदर्शों का पालन करने का विषय है। यदि कोई वास्तव में संत जीवन अपनाना चाहता है, तो उसे संत परंपरा का ज्ञान प्राप्त कर उसी के अनुरूप आचरण करना चाहिए।
फलाहारी महाराज ने केंद्र सरकार से इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग भी की। उन्होंने सांसद पप्पू यादव के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही और कहा कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक मंचों पर इस प्रकार उपयोग नहीं होना चाहिए।
इस विषय पर संत कृष्णानंद महाराज ने भी साधु वेश में किए गए प्रदर्शन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि धार्मिक परंपराओं और संत समाज की गरिमा का सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। इस दौरान सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में बैठे दिखाई दिए, जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान दान पात्र में प्रतीकात्मक रूप से धनराशि डाली। इस प्रदर्शन के बाद इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।