रिपोर्ट: विजय नागपाल।
छाता (मथुरा)। मथुरा जिले की छाता तहसील में अगस्त माह का पहला संपूर्ण समाधान दिवस उप जिलाधिकारी अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। समाधान दिवस में विभिन्न गांवों से अपनी समस्याएं लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे।
इस दौरान कुल 46 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस में तहसीलदार सचिन पवार क्षेत्राधिकारी भूषण वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वही तहसील परिसर में शौचालय सहित गंदगी का माहौल देखने को मिला जहां साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। तहसील परिसर के मुख्य गेट से प्लास्टर भरवारा कर गिर पड़ा गनी मत रही कि उसके नीचे कोई आमजन न होकर सिर्फ बाइक खड़ी थी वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
समाधान दिवस में एक भावुक मामला गांव सेमरी से सामने आया, जहां रामबती नामक एक महिला ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसका पति मानसिक रूप से अस्वस्थ (मंदबुद्धि) है। महिला ने आशंका जताई कि कहीं उसके पति द्वारा बच्चों की पैतृक संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के नाम न कर दी जाए। उसने प्रशासन से अपने बच्चों के हितों की रक्षा करने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
इस पर उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जो अधिकारी समाधान दिवस पर उपस्थित नहीं थे उनकी जांच कराकर कारण बताओं नोटिस भारत करने की भी बात कही और उप जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों की जनता हितों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।