डाक कांवड़ियों को जलाभिषेक से रोकने पर भड़का आक्रोश, पुलिस बुलानी पड़ी।

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देव देवेश्वर धाम में मंदिर बंद होने की बात कहकर रोका गया जलाभिषेक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सीतापुर/नैमिषारण्य। सावन मास में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु कठिन तप, उपवास और कांवड़ यात्रा करते हैं। ऐसे में नैमिषारण्य स्थित पौराणिक देव देवेश्वर धाम में शुक्रवार रात डाक कांवड़ियों को जलाभिषेक से रोकने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आक्रोशित श्रद्धालुओं ने डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस बुला ली। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बताया गया कि हरदोई जनपद के अंतिम छोर स्थित राजघाट से गंगा जल लेकर शुक्लापुर गांव के दर्जनों डाक कांवड़िए शुक्रवार रात करीब 10 बजे देव देवेश्वर धाम पहुंचे थे। लंबी और कठिन यात्रा पूरी कर मंदिर पहुंचे कांवड़ियों को कथित तौर पर स्थानीय पुजारी ने यह कहते हुए जलाभिषेक से रोक दिया कि भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार, पूजा और आरती पूरी हो चुकी है तथा मंदिर बंद कर दिया गया है।

मंदिर में प्रवेश रोकने की बात पर कांवड़ियों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने स्थिति संभालने का प्रयास करते हुए पुजारी से मंदिर का पिछला द्वार खोलकर श्रद्धालुओं को एक-एक कर जलाभिषेक कराने का सुझाव दिया। हालांकि, डाक कांवड़िए इस व्यवस्था पर भी सहमत नहीं हुए।

कांवड़ियों का कहना था कि वे सामूहिक रूप से डाक कांवड़ लेकर आए हैं। इसके लिए उन्होंने हजारों रुपये खर्च किए और कई दिनों तक कठिन साधना एवं यात्रा की है। ऐसे में अलग-अलग श्रद्धालुओं को जलाभिषेक कराने की व्यवस्था उनकी धार्मिक परंपरा और सामूहिक आस्था के अनुरूप नहीं है।

काफी देर तक चले विवाद और समझाने-बुझाने के बाद श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया, लेकिन उनका आक्रोश शांत नहीं हुआ। इसके बाद कांवड़ियों ने डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस टीम ने पहुंचकर पुजारी और श्रद्धालुओं से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।

आक्रोशित श्रद्धालुओं ने पुलिस के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि वे कोसों दूर से गंगाजल लेकर केवल बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक की भावना से आए थे। मंदिर पहुंचने के बाद जिस तरह उन्हें रोका गया, उससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। कुछ श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि भविष्य में भी ऐसी व्यवस्था रही तो वे दोबारा डाक कांवड़ लेकर यहां जलाभिषेक करने नहीं आएंगे।

मामले को देखते हुए पुलिस ने मंदिर के पुजारी को निर्देश दिए कि मंदिर के खुलने और बंद होने का समय लिखित रूप से मंदिर परिसर की चारदीवारी और प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से चस्पा किया जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के समय की पहले से जानकारी मिल सके और भविष्य में इस तरह के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

सावन के दौरान शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन की ओर से पूजा-अर्चना और दर्शन की समय-सारिणी स्पष्ट रखना तथा श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी देना महत्वपूर्ण है। देव देवेश्वर धाम में डाक कांवड़ियों को जलाभिषेक से रोकने को लेकर हुआ यह विवाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के चलते भी चर्चा में है।