64 हजार एकड़ जमीन कब्जामुक्त, अब निवेश और रोजगार का आधार बनेगी: योगी

Vijaydoot News

सीएम का सपा पर बड़ा हमला-बोले, भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई जमीन पर हो रहा विकास, युवाओं के लिए खुल रहे रोजगार के रास्ते

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दावा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद चलाए गए एंटी भू-माफिया अभियान के तहत प्रदेश में करीब 64 हजार एकड़ जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब यही जमीन प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम बन रही है और इसके जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान भू-माफियाओं का प्रभाव बढ़ा हुआ था और गरीबों, व्यापारियों तथा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किए जाते थे। योगी ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने का काम किया।

‘भू-माफियाओं से जमीन मुक्त कराई’

मुख्यमंत्री के अनुसार, 2017 में सरकार बनने के बाद स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सरकारी जमीन, गरीबों की जमीन और व्यापारियों की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स के माध्यम से प्रदेशभर में अभियान चलाया गया।

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि इस अभियान के तहत 64 हजार एकड़ जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में भू-माफियाओं को तत्कालीन राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और इनमें समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग भी शामिल थे।

कब्जामुक्त जमीन पर निवेश का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जमीन को कब्जे से मुक्त कराना नहीं है, बल्कि उसका उपयोग प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए करना भी है। उन्होंने कहा कि कब्जामुक्त कराई गई जमीन को निवेश, उद्योग और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकार का तर्क है कि औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन उपलब्ध होने से निवेशकों को सुविधा मिलती है। इससे नए उद्योग स्थापित होते हैं और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

योगी ने कहा कि प्रदेश में निवेश का वातावरण तैयार होने से युवाओं को अपने ही जिले और प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है।

बुंदेलखंड में भी निवेश और रोजगार पर जोर

बांदा में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि कभी यह क्षेत्र बेरोजगारी, पलायन, पानी की समस्या, अपराध और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था। अब सरकार कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के जरिए क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है।

मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को क्षेत्र के औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उनका कहना था कि आने वाले समय में बुंदेलखंड के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि दूसरे क्षेत्रों से लोग यहां रोजगार की तलाश में आएंगे।

लखनऊ में 120 एकड़ जमीन का उदाहरण

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लखनऊ का उदाहरण भी दिया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े एक भू-माफिया ने करीब 120 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। सरकार की कार्रवाई के बाद जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया और संबंधित मामले में कानूनी कार्रवाई की गई।

योगी के मुताबिक, कब्जामुक्त कराई गई इस जमीन का उपयोग बाद में उत्तर प्रदेश फोरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे इस बात के उदाहरण के तौर पर पेश किया कि अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक हित और विकास परियोजनाओं में किया जा सकता है।

सपा पर लगातार हमलावर योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में गरीब की जमीन पर कब्जा करने वाले व्यक्ति को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा।

योगी ने कहा कि सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के साथ-साथ जमीन कब्जाने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ गरीब और आम नागरिकों की जमीन को भी संरक्षण मिला है।

64 हजार एकड़ का आंकड़ा बना राजनीतिक मुद्दा

मुख्यमंत्री द्वारा 64 हजार एकड़ जमीन कब्जामुक्त कराने का आंकड़ा इससे पहले भी कई मौकों पर सामने रखा जा चुका है। योगी आदित्यनाथ इसे अपनी सरकार के एंटी भू-माफिया अभियान की बड़ी उपलब्धियों में गिनाते हैं।

हालांकि, इस आंकड़े को लेकर राजनीतिक बहस भी होती रही है। विपक्ष सरकार के दावों पर सवाल उठाता रहा है, जबकि राज्य सरकार इसे कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई का परिणाम बताती है।

क्या है पूरा मामला?

  • 2017 के बाद: एंटी भू-माफिया अभियान शुरू किया गया।
  • सरकार का दावा: करीब 64 हजार एकड़ जमीन अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई।
  • सरकार का उद्देश्य: कब्जामुक्त जमीन का उपयोग विकास और निवेश के लिए करना।
  • सीएम का दावा: जमीन उपलब्ध होने से औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है।
  • रोजगार पर जोर: निवेश और उद्योगों के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की बात।
  • राजनीतिक हमला: मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
  • लखनऊ का उदाहरण: करीब 120 एकड़ जमीन को कब्जामुक्त कराने और उसके बाद फोरेंसिक इंस्टीट्यूट के लिए इस्तेमाल किए जाने का दावा।