इंसान को कुरीतियों से दूर रखना है तो कराएं ब्रह्मा कुमारी आश्रम में एक महीने का प्रवास।

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फलाहारी महाराज ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद मामले के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश के उच्च पदों पर नियुक्त होने वाले लोगों को ब्रह्माकुमारी आश्रम, माउंट आबू में एक माह का प्रवास कराने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इंसान को भ्रष्टाचार, चंदा चोरी, दुराचार, क्रोध, माया-मोह जैसी कुरीतियों से दूर रखना है तो उसे आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराना आवश्यक है।

दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र में कहा कि उन्होंने स्वयं ब्रह्माकुमारी आश्रम जाकर वहां की जीवनशैली और आध्यात्मिक वातावरण को देखा है। उनके अनुसार आश्रम में रहने वाले भाई-बहनों के जीवन में स्वच्छता, अनुशासन, पवित्रता और सेवा की भावना दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि आश्रम में सुबह तीन बजे जागरण, भजन, योग साधना और ‘मुरली’ के ज्ञान के माध्यम से आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा दी जाती है।

उन्होंने आश्रम के वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां की हरियाली, स्वच्छता और शांत वातावरण अत्यंत प्रभावित करने वाला है। आश्रम में मोर, चिड़िया और गिलहरी जैसे पशु-पक्षी भी सहज रूप से लोगों के हाथों से दाना चुगते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा शांत और पवित्र वातावरण उन्हें लंदन में भी देखने को नहीं मिला।

फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें अपने तप और त्याग पर अहंकार था, लेकिन ब्रह्माकुमारी आश्रम के भाई-बहनों की साधना और सेवा भावना देखकर उनका अहंकार भी समाप्त हो गया। उन्होंने आश्रम में श्रीकृष्ण के विग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि अखंड भारत के मालिक और सोलह कलाओं में निपुण श्रीकृष्ण के स्वरूप का दर्शन व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से प्रभावित करता है।

उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाएं 140 देशों तक फैली हैं और आश्रमों में सेवा करने वाली बहनें स्थानांतरण होने पर बिना किसी सिफारिश के सहज भाव से दूसरे आश्रम में चली जाती हैं। उनके अनुसार आश्रम में रहने वाले भाई-बहन किसी से उपहार या लिफाफा स्वीकार नहीं करते और सेवा को प्राथमिकता देते हैं।

दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि आज का मनुष्य माया और भौतिक संपत्ति एकत्र करने में लगा हुआ है। यदि वास्तव में अच्छे और संस्कारवान इंसान देखने हैं तो एक बार ब्रह्माकुमारी आश्रम अवश्य जाना चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी देश के गौरव हैं और भारत को विश्वगुरु बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन लोगों को सरकार में उच्च पदों पर जिम्मेदारी दी जाती है, उन्हें पदभार ग्रहण करने से पहले ब्रह्माकुमारी आश्रम, माउंट आबू में एक माह का प्रवास कराया जाए। इससे वे मोह-माया से ऊपर उठकर बेहतर इंसान बनने और देशसेवा में अधिक समर्पण के साथ भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हो सकेंगे।