•ऐसे अभियान से राष्ट्रप्रेम की भावना तो बढ़ती है, बल्कि ध्वज के प्रति सम्मान भी बढ़ता है: देवी सिंह
•तिरंगा सिर्फ एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारत के गौरव: डा. एनसी प्रजापति
•स्वतंत्रता दिवस देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर: डा. शरद अग्रवाल
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। हर घर तिरंगा अभियान के तहत केएम विश्वविद्यालय परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से एक विशाल तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संकाय के शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

रैली का नेतृत्व विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के बड़े भ्राता देवी सिंह(डीएम साहब), कुलपति डॉ. एन.सी. प्रजापति, प्रति-कुलपति एवं डीन डॉ. शरद अग्रवाल और रजिस्ट्रार डॉ. पूरन सिंह ने किया। एमबीबीएस और नर्सिंग के विद्यार्थी सफेद कोट पहने हाथों में तिरंगा लहराते हुए रैली में शामिल हुए, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।
रैली की शुरुआत से पहले एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इसके बाद देवी सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से शुरू होकर पूरे परिसर का भ्रमण करते हुए समाप्त हुई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय हिंद के उद्घोष से पूरा केएम विश्वविद्यालय परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के बड़े भाई देवी सिंह(डीएम साहब) ने कहा हर घर तिरंगा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के दिल में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रज्वलित करना और ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ाना है। डॉ. एन.सी. प्रजापति (कुलपति) ने कहा तिरंगा सिर्फ एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारत के गौरव, स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता और समर्पण का प्रतीक है। डॉ. शरद अग्रवाल (प्रति-कुलपति) ने कहा स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर है।
इस अवसर पर डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल, परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज, अनीता चौधरी, सब रजिस्ट्रार दीपक माथुर, पीयूष झा, हुकूम सिंह, मनसुख सहित विभिन्न संकायों के डीन, प्रोफ़ेसर और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।