बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रेलखंड ब्रॉडगेज से जुड़ा, चार नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत; सीमावर्ती क्षेत्र में विकास के खुलेंगे नए द्वार

Vijaydoot News

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड का ब्रॉडगेज में परिवर्तन और चार नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ सीमावर्ती क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। दशकों से इस क्षेत्र की कई पीढ़ियां जिस सुविधा और बेहतर रेल कनेक्टिविटी की प्रतीक्षा कर रही थीं, वह अब साकार हो गई है। लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर लंबे रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने का कार्य निर्धारित समय में पूरा किया गया है। इससे बहराइच, नानपारा, रुपईडीहा और नेपालगंज रोड सहित पूरे सीमावर्ती क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी और व्यापार, पर्यटन, कृषि, उद्योग तथा रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री सोमवार को बहराइच में बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड के ब्रॉडगेज के लोकार्पण तथा चार नई ट्रेन सेवाओं के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर 14213/14 वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, 115131/32 वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस, 75109/10 गोंडा-बहराइच ट्रेन तथा 75111/12 डेमो ट्रेन का शुभारंभ किया गया।

नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल सुख-दुख की हर घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने नेपाल की वर्तमान त्रासदी के समय त्वरित निर्णय लेकर सहायता के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के लिए केवल मित्र राष्ट्र नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच हजारों वर्ष पुरानी साझा सांस्कृतिक विरासत है। पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ, गोरखा से गोरखपुर और जनकपुर से अयोध्या तक दोनों देशों के संबंधों की गहरी सांस्कृतिक जड़ें हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी दोनों देशों के नागरिकों के आवागमन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति देगी। रुपईडीहा और नेपालगंज रोड को बेहतर रेल संपर्क से जोड़ना सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में उद्योग, व्यापार, पर्यटन, कृषि और रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

उन्होंने कहा कि जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते बड़े होते हैं, रास्ते बड़े होते हैं तो बाजार बड़े होते हैं और बाजार बड़े होते हैं तो अवसर भी बड़े होते हैं। बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड का ब्रॉडगेज में परिवर्तन डबल इंजन सरकार की विकास यात्रा का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इससे सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। लगभग एक हजार वर्ष पूर्व महाराजा सुहेलदेव ने इसी धरती पर विदेशी आक्रांता सैय्यद सालार मसूद गाजी को पराजित कर देश की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक राष्ट्रनायकों को इतिहास में अपेक्षित सम्मान नहीं मिला, लेकिन अब महाराजा सुहेलदेव की गौरवगाथा को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक तैयार हो चुका है, जहां देश-दुनिया से आने वाले लोग उनके शौर्य और राष्ट्रभक्ति से परिचित हो सकते हैं।

योगी ने कहा कि जिस क्षेत्र ने देश की गौरवगाथा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वह आजादी के बाद लंबे समय तक सीमित रेल सुविधाओं से जूझता रहा। यहां उपलब्ध रेल लाइन मीटर गेज की थी, जिसके कारण क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी असर पड़ा। अब इस सोच में बदलाव आया है। सीमावर्ती क्षेत्र को पिछड़ेपन का पर्याय नहीं, बल्कि विकास और संपर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।उन्होंने बताया कि लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर लंबे रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ा गया है। इससे रुपईडीहा और नेपालगंज रोड तक रेल संपर्क मजबूत हुआ है। चार नई ट्रेन सेवाओं के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

वाराणसी तक रेल सेवा शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान होगा और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच से लखनऊ, अयोध्या और गोरखपुर तथा नानपारा होते हुए नेपालगंज तक विकसित हो रही कनेक्टिविटी पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति देगी। बेहतर रेल संपर्क से लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं तक आसानी से पहुंचने का अवसर मिलेगा। कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना भी आसान होगा।

उन्होंने कहा कि कतर्नियाघाट जैसे महत्वपूर्ण ईको-टूरिज्म केंद्र तक बेहतर पहुंच बनने से पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों से बेहतर रेल संपर्क स्थापित होने से धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। नेपालगंज रोड, बाबागंज, नानपारा, मटेरा, रिसिया और बहराइच सहित पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में रेल कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बहराइच से खलीलाबाद तक नई रेल लाइन की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर से सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़, बलरामपुर होते हुए बहराइच और आगे नेपालगंज रोड तक रेल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। इससे पूर्वांचल और सीमावर्ती क्षेत्र एक व्यापक रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे और व्यापार तथा रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के समय प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में माफिया के संरक्षण और पोषण का वातावरण था, जबकि आज विकास परियोजनाएं दिखाई दे रही हैं। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज, बालार्क ऋषि के नाम पर अस्पताल, बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज, श्रावस्ती में एयरपोर्ट और गोंडा में मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं। अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर में भी नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने जापानी इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों में यह बीमारी बड़ी संख्या में बच्चों की जान लेती थी। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद बीमारी की पहचान, उसके कारणों की जांच और प्रभावी नियंत्रण की रणनीति पर काम किया गया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में जापानी इंसेफेलाइटिस के प्रकोप को नियंत्रित करने में बड़ी सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लखनऊ से बहराइच की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए चार लेन मार्ग को भी मंजूरी दी है। इससे सड़क मार्ग से क्षेत्र की पहुंच और मजबूत होगी। देश में रैपिड रेल, अमृत भारत, नमो भारत और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं का विस्तार हो रहा है। सड़क और रेल दोनों क्षेत्रों में हो रहा यह परिवर्तन आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल के बीच बेहतर रेल संपर्क दोनों देशों के नागरिकों को और करीब लाएगा तथा सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देगा। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम को सांसद जगदम्बिका पाल तथा डॉ. आनंद कुमार गोंड ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक रामनिवास वर्मा, अनुपमा जायसवाल, सुरेश्वर सिंह, सुभाष त्रिपाठी, सरोज सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।