सहजनवा थाने के मालखाने से पिस्टल और कारतूस गायब।

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सहजनवा। सहजनवा थाना क्षेत्र से पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। थाने के मालखाने में सुरक्षित रखी गई एक लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गए हैं। इस बड़ी लापरवाही का खुलासा होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। आंतरिक जांच में लापरवाही और गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद, वर्तमान थानाध्यक्ष की तहरीर पर तत्कालीन दीवान (अब सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

क्या है पूरा मामला

मामला वर्ष 2018 का है, जब सहजनवा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10 लुचुई में दो पक्षों के बीच हिंसक विवाद हुआ था। इस विवाद के दौरान एक पक्ष के सत्यप्रकाश यादव ने तहरीर देकर विपक्षियों पर पिस्टल से जानलेवा फायरिंग करने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सर्वशक्ति यादव, शक्ति यादव और निखिल यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान तत्कालीन थानेदार सत्य प्रकाश सिंह ने आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ ही वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए थे। इस मामले में 14 दिसंबर 2018 को पुलिस कोर्ट में चार्जशीट आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है।

फॉरेंसिक लैब से लौटने के बाद गायब हुए असलहे

बरामदगी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत पिस्टल और कारतूस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। वहाँ से 25 मई 2019 को असलहे वापस थाने लाए गए। विशेष वाहक कमलेश कुमार ने नियमानुसार इन असलहों को तत्कालीन मालखाना प्रभारी (दीवान) दीनानाथ पाल को सुपुर्द कर दिया, जिसका बकायदा मालखाना रजिस्टर में इंदराज भी किया गया। लेकिन इसके बाद मालखाने से पिस्टल और कारतूस गायब हो गए।

चार्ज हस्तांतरण के दौरान खुली पोल

करीब छह महीने पहले जब थाने के मालखाने का प्रभार (चार्ज) दूसरे कर्मी को सौंपा जा रहा था, तब मिलान के दौरान यह पिस्टल और कारतूस गायब मिले। लंबी विभागीय जांच और छानबीन के बाद भी जब असलहे बरामद नहीं हुए, तो तत्कालीन दीवान दीनानाथ पाल को इसके लिए सीधे तौर पर दोषी पाया गया।

वर्तमान थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सेवानिवृत्त दीवान दीनानाथ पाल (पुत्र स्व. रामबेचन पाल, निवासी रक्शा, थाना लालगंज, जनपद बस्ती) के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने थाने के मालखानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Author

  • Pawan Rastogi

    पवन कुमार रस्तोगी पिछले पाँच वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में न्यूज़ पोर्टल में एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने एम.ए., बीएड, पत्रकारिता तथा एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त कंप्यूटर क्षेत्र में एडीसीए तथा कला के क्षेत्र में बॉम्बे आर्ट जैसे पाठ्यक्रम भी पूर्ण किए हैं।
    समाचार लेखन, संपादन, जनसरोकार से जुड़े विषयों और डिजिटल पत्रकारिता में उनकी विशेष रुचि है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। वे सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को सरल, सटीक और विश्वसनीय ढंग से पाठकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

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