सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दिया विकसित भारत, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश।

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सिद्धार्थ नगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर के दशम दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

अपने उद्बोधन के प्रारंभ में राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय का अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होता है। यह केवल उपाधि वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में एक नई यात्रा, नए दायित्व और नए संकल्प का प्रारंभ है।
उन्होंने कहा कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियां उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और सतत साधना का परिणाम हैं। इस वर्ष विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह में कुल 37 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जा रहे हैं, जिनमें 28 छात्राएं एवं 9 छात्र शामिल हैं। राज्यपाल ने विशेष रूप से छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वर्ण पदकों में बेटियों की इतनी बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि आज भारत की महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रही हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका निरंतर सशक्त हो रही है।

उन्होंने शोध उपाधि प्राप्त करने वाले 25 शोधार्थियों, जिनमें 15 छात्र और 10 छात्राएं शामिल हैं, तथा स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामना दिया।

दीक्षांत समारोह के अवसर पर बनारस हिन्दू विश्ववियालय की पूर्व संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो मधुलिका अग्रवाल ने अपने दीक्षांत भाषण में विद्यार्थियों को विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी, ड्रोन एवं क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश की शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अपने स्वागत संबोधन में कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय,शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर है।प्रधान मंत्री राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के अंतर्गत प्राप्त लगभग 13.53 करोड़ रुपये के अनुदान से विश्वविद्यालय में आधारभूत संरचना का व्यापक विकास किया गया है।वर्तमान में विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं तथा नए विषयों एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।

इससे पूर्व कुलाधिपति ने 37 स्वर्ण पदक अपनी अपनी कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रदान किया तथा 25 पीएचडी उपाधि धारकों को भी उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर 52176 स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में उत्तीर्ण होने वाले छात्राओं को राज्यपाल के कर कमलों द्वारा उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर डीजी लाकर पर 52176 अंक पत्रों को भी अपलोड किया गया।

इस अवसर पर सांसद जगदम्बिका पाल, नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय, विधायक श्याम धनी राही, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी विधायक विनय वर्मा, पूर्व कुलपति प्रो रजनी कांत पांडेय, विपुल शाह , न्यायमूर्ति अनिल कुमार , डॉ मंजू मिश्रा , डॉ अशोक एवं डॉ हरिहर सहित विद्या परिषद् के सदस्य गण, नेपा नई दिल्ली के वर्तमान चांसलर प्रो रमा शंकर दुबे सहित कार्य परिषद् के सदस्य गण सहित जनप्रतिनिधिगण, विद्यार्थी कर्मचारी गणमान्य नागरिकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र गीत एवं समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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