मत्स्य विभाग में कर्मचारियों की कमी पर सभापति वीरू साहनी ने जताई चिंता, शासन को भेजेंगे रिपोर्ट।

Vijaydoot News

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड, लखनऊ के सभापति वीरू साहनी ने मत्स्य विभाग में कर्मचारियों की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि विभागीय संसाधनों की कमी के कारण मत्स्य पालकों और मछुआ समुदाय तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद में मिली कमियों से शासन को अवगत कराते हुए आवश्यक सुधार के लिए पत्र भेजा जाएगा।

स्थानीय डाक बंगले में आयोजित “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम के दौरान वीरू साहनी ने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मछुआ समुदाय एवं मत्स्य पालक समितियों के साथ समीक्षा बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन विभागीय कर्मचारियों की कमी और अन्य व्यवस्थागत कारणों से बैठक आयोजित नहीं हो सकी।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों से जानकारी लेने पर पता चला कि सीमित कर्मचारियों के कारण विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंता का विषय है और शासन स्तर पर इसे गंभीरता से उठाया जाएगा।

वीरू साहनी ने कहा कि जनपद में जो भी कमियां सामने आई हैं, उनकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। साथ ही विभाग में रिक्त पदों को भरने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में मत्स्यजीवी समुदाय और सहकारी समितियों की समीक्षा बैठकें आयोजित की जानी हैं। संतकबीरनगर में यह बैठक नहीं हो पाने पर उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि निकट भविष्य में पुनः कार्यक्रम तय कर मछुआ समुदाय एवं समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।