•प्रिया कुंज में भजन संध्या, विशाल भंडारा और राधारानी के दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर भावविभोर हुए हजारों श्रद्धालु।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
बरसाना। श्रीजी की नगरी बरसाना में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर प्रिया कुंड स्थित प्रिया कुंज शुक्रवार रात्रि भक्ति, श्रद्धा और रसभाव से सराबोर हो उठा। ब्रज के विरक्त संत विनोद बाबा महाराज के श्रीमुख से जैसे ही प्रसिद्ध पद “मेरो मन लग्यो बरसाने में, जहाँ बिराजे राधारानी…” गूंजा, पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी श्रद्धालु राधारानी के जयकारों और हरिनाम संकीर्तन में झूम उठे।

भजन संध्या के दौरान नंदभवन के सेवायत एवं भजन सम्राट दिनेश गोस्वामी ने “ब्रज में रतन राधिका गोरी” भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक संकीर्तन की मधुर स्वर लहरियां गूंजती रहीं और भक्त राधारानी की कृपा रसधारा में सराबोर रहे।
भजन संध्या से पूर्व प्रिया कुंज में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
संत विनोद बाबा महाराज के कृपापात्र पंडित बाबा ने बताया कि चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव की यह परंपरा वर्षों पुरानी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह आयोजन श्री लाडलीजी के निज महल में होता था, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों से बाबा महाराज की आज्ञा से इसे प्रिया कुंज में अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है।
गुरु पूर्णिमा के उपरांत विश्वविख्यात श्री राधारानी मंदिर को देशी-विदेशी पुष्पों, रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक श्रृंगार और छप्पन भोग से सजाया गया। राधारानी के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
इस अवसर पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रतिनिधि रोहित रिछारिया, गौभक्त गोपेश बाबा, भक्तवत्सल महाराज, जुगल बाबा, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, पूर्व जिला चकबंदी अधिकारी एवं भागवताचार्य बालकृष्ण पांडेय, धीरज शास्त्री, पुरुषोत्तम दास, श्रीजी मंदिर के रिसीवर सुशील गोस्वामी, नंदभवन के सेवायत एवं भजन सम्राट दिनेश गोस्वामी, गीतकृष्ण शर्मा सहित संत समाज, जनप्रतिनिधि एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
राधारानी की महिमा, संतों के श्रीमुख से निकले रसपूर्ण पदों और श्रद्धालुओं की अगाध आस्था ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव को बरसाना की भक्ति परंपरा का अविस्मरणीय उत्सव बना दिया।