•आश्रमों की सुरक्षा संबंधी टिप्पणी पर संतों ने कहा— पूरे संत समाज पर टिप्पणी करना अनुचित।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। अभिनेत्री से साध्वी बनी हर्षा रिछारिया के आश्रमों की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर संत समाज में नाराजगी देखने को मिल रही है। उनके बयान के बाद कई साधु-संतों ने इसे संत परंपरा के प्रति अनुचित बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
बताया जाता है कि हर्षा रिछारिया ने कहा था कि “हिंदुस्तान में कोई भी संतों का आश्रम सुरक्षित नहीं है। यदि कोई आश्रम यह गारंटी दे कि वहां मैं सुरक्षित रहूंगी, तभी मैं वहां रह सकती हूं।” इस बयान के बाद विभिन्न संतों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि इस प्रकार का बयान समूचे संत समाज का अपमान है। उनका कहना है कि किसी भी टिप्पणी से पहले संत परंपरा की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान से सनातन धर्म और संत परंपरा की छवि धूमिल होती है।
महंत रामदास महाराज ने भी हर्षा रिछारिया की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सभी साधु-संतों को एक ही दृष्टि से देखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर के आश्रमों में अनेक संत समाज सेवा और धर्म प्रचार में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं, इसलिए पूरे संत समाज पर इस प्रकार की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
संत समाज के प्रतिनिधियों ने हर्षा रिछारिया से अपने बयान पर पुनर्विचार करने तथा संत परंपरा के सम्मान का ध्यान रखने की अपील की है।