200 देशों में चल रहे ब्रह्माकुमारी आ•श्रम, सेवा और आध्यात्मिक साधना से समाज को नई दिशा देने का दावा
रिपोर्ट विजय नागपाल।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज राजस्थान के माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। आश्रम की व्यवस्थाओं और जनसेवा के कार्यों का अवलोकन करने के बाद उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था की सेवाओं, आध्यात्मिक साधना और सामाजिक कार्यों की सराहना की।


फलाहारी महाराज ने कहा कि ब्रह्माकुमारी आश्रमों में पवित्रता और शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मेडिटेशन तथा आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से लोगों को मानसिक शांति प्रदान करने और उन्हें गलत आदतों एवं कुरीतियों से दूर रखने का प्रयास किया जाता है।
‘आश्रम में छल-कपट और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं’
फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें आश्रम के वातावरण में सकारात्मकता, अनुशासन और आध्यात्मिकता का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि यहां सेवा, साधना और पवित्र जीवनशैली पर जोर दिया जाता है। उनके अनुसार, आश्रम का वातावरण लोगों को छल-कपट, दुराचार, बेईमानी और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने प्रत्येक भारतीय से ब्रह्माकुमारी आश्रम में कम से कम एक माह प्रवास कर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने की अपील की। उनका कहना था कि आश्रम की दिनचर्या और मुरली के ज्ञान से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है।
बहन-भाइयों की सेवा भावना की सराहना
फलाहारी महाराज ने आश्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों और भाइयों द्वारा स्वयं भोजन तैयार कर अतिथियों की सेवा किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी सेवा भावना, ब्रह्मचर्य की साधना, गौसेवा और जनसेवा के प्रति समर्पण प्रेरणादायी है।उन्होंने कहा कि आश्रम की बहनों द्वारा प्रातःकाल तीन बजे उठकर योग-साधना और आध्यात्मिक अभ्यास करने से पूरे परिसर में सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है। आश्रम की स्वच्छता, हरियाली और शांत वातावरण भी उन्होंने सराहा।
नशामुक्ति अभियान और वृद्धाश्रम की भी सराहना
फलाहारी महाराज ने बताया कि संस्था द्वारा नशामुक्ति के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, अब तक बड़ी संख्या में लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया जा चुका है।
उन्होंने आश्रम परिसर में संचालित वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया और वहां रह रहे बुजुर्गों की सेवा व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की जिस तरह से सेवा की जा रही है, वह उन्हें विशेष रूप से प्रभावित करने वाली रही।
फलाहारी महाराज ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था के सेवा, साधना, स्वच्छता, आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य समाज को सकारात्मक दिशा देने में सहायक हो सकते हैं।