मथुरा में दो शिक्षक निलंबित, शिक्षा मित्र का मानदेय रोका।

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मथुरा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने शासकीय कार्यों में लापरवाही, गुटबाजी और अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एक शिकायती पत्र के बाद खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र और छाता की संयुक्त समिति ने इस मामले की स्थलीय जांच की थी, जिसकी रिपोर्ट 18 जून 2026 को सौंपी गई।

जांच में सामने आया कि दोनों शिक्षकों के आपसी विवाद के कारण स्कूल में गुटबाजी को बढ़ावा मिल रहा था और शैक्षिक माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक हरी सिंह बिना किसी अन्य शिक्षक को चार्ज दिए ही अवकाश पर चले जाते हैं।

वहीं, सहायक अध्यापिका पूनम पाराशर द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे कार्य का अंकन विद्यालय की पत्र व्यवहार पंजिका में दर्ज नहीं किया जा रहा था। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अध्यापिका पूनम पाराशर के पति राम निवास (जो प्राथमिक विद्यालय नगला छत्ती में शिक्षा मित्र हैं), विद्यालय के कार्यों में अनाधिकृत रूप से हस्तक्षेप करते हैं। ग्रामीणों को भी स्कूल के कार्यों में दखल देने के लिए उकसाया जाता था।

बीएसए ने इसे अध्यापक आचरण सेवा नियमावली का खुला उल्लंघन माना है। निलंबन अवधि के दौरान हरी सिंह को संविलित विद्यालय छाता देहात और पूनम पाराशर को उच्च प्राथमिक विद्यालय मुजाहिद (बल्देव) से संबद्ध किया गया है।

बीएसए रतन कीर्ति ने बताया कि मामले की अंतिम जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी राया और बल्देव की द्विसदस्यीय समिति गठित कर एक माह के भीतर साक्ष्यों सहित रिपोर्ट मांगी गई है।

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