रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा/शेरगढ़। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शेरगढ़ क्षेत्र के गांव हुसैनी में छापा मारकर केमिकल के जरिए पनीर तैयार करने वाली इकाई का खुलासा किया है। टीम ने मौके से 500 किलो दूषित पनीर और करीब 2,000 किलो दूषित दूध बरामद कर नष्ट कराया। नष्ट किए गए खाद्य पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब सवा दो लाख रुपये बताई गई है। विभाग ने पनीर निर्माण इकाई के संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।




जानकारी के अनुसार सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. जतिन कुमार सिंह को सोमवार रात गोपनीय सूचना मिली थी कि छाता तहसील के शेरगढ़ क्षेत्र स्थित गांव हुसैनी में मिलावटी पनीर तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर सहायक आयुक्त के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सचल दल ने गांव हुसैनी में सोनू कुमार की पनीर निर्माण इकाई पर छापा मारा।
निरीक्षण के दौरान टीम को इकाई में पनीर को सफेद करने के लिए टिनोपाल और रंगकाट (सोडियम हाइड्रो सल्फेट) जैसे रसायनों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिले। मौके से स्किम्ड मिल्क पाउडर, 80 किलो रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सोयाबीन, करीब 20 किलो टिनोपाल केमिकल और 12 किलो रंगकाट बरामद किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर तैयार करीब 500 किलो दूषित पनीर और 2,000 किलो दूषित दूध को नष्ट कराया। विभाग के अनुसार नष्ट किए गए खाद्य पदार्थों की कीमत करीब 2.25 लाख रुपये है। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नमूने भी लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर निर्माण इकाई के संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।