रिपोर्ट : पवन कुमार रस्तोगी।
प्रयागराज। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को संगम सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की रैंकिंग में खराब प्रदर्शन पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में डी श्रेणी, 15वें एवं पांचवें वित्त में बी श्रेणी, पोषण अभियान में बी श्रेणी तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सी श्रेणी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और रैंकिंग को ए श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बारिश के कारण कच्चे मकान गिरने वाले लोगों का सर्वे कराकर पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव एवं गंदगी की समस्या दूर कराने तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा। वहीं, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को गौशालाओं में जलभराव रोकने, साफ-सफाई रखने तथा पशुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं से संबंधित आंकड़ों की फीडिंग समय से कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर बी, सी और डी श्रेणी वाले विभागों की प्रतिदिन निगरानी की जाए। खराब प्रदर्शन करने वाली योजनाओं के कारणों की समीक्षा कर कमियों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि अगले माह सभी योजनाओं की रैंकिंग में सुधार हो सके।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान बी एवं सी रैंकिंग वाले कार्यों पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, उपलब्ध धनराशि का समय से उपयोग करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि समयसीमा के बाद कोई भी कार्य लंबित पाया गया तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक संसाधन बढ़ाकर युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं अथवा आंशिक रूप से पूरी हुई हैं, उन्हें शीघ्र पूरा कराते हुए हैंडओवर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन परियोजनाओं की समयसीमा उचित कारणों से बढ़ाया जाना आवश्यक है, उनके संबंध में सक्षम स्तर से समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के सभी पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि रैंकिंग में सुधार नहीं होने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी, जिला विकास अधिकारी जी.पी. कुशवाहा, परियोजना निदेशक भूपेन्द्र कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।